बिहार:सुपौल में 5.87 करोड़ के फाइबर कार्ड चोरी का खुलासा, यूपी से गिरोह का सरगना गिरफ्तार – Fiber Card Theft From Mobile Tower Supaul Bihar Police Arrested Mastermind Lucknow Up
सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में मोबाइल टॉवर से फाइबर कार्ड चोरी के मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है। हालांकि, चोरी किए गए फाइबर कार्ड अब तक बरामद नहीं हो सके हैं। पुलिस ने गिरोह के सरगना ध्रुव द्विवेदी को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार किया है। गिरोह के छह सदस्यों की पहचान की गई है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अब तक 13 मुकदमों की जानकारी पुलिस को मिली है। इनमें अधिकांश मामले मोबाइल टॉवर के उपकरण चोरी से संबंधित हैं।
एसपी शरथ आरएस ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि बीते एक अक्टूबर को पेरीग्रीन गार्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने पिपरा स्थित इंडस टॉवर साइट से फाइबर कार्ड चोरी होने का मामला दर्ज कराया था। प्राथमिकी के अनुसार, कुल 66 फाइबर कार्ड चोरी हुए थे, जिनकी अनुमानित कीमत पांच करोड़ 87 लाख 74 हजार 94 रुपये बताई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने साइबर डीएसपी गौरव गुप्ता के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की। इसी क्रम में पुलिस को गिरोह के सरगना तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस ने ध्रुव द्विवेदी के पास से चोरी में इस्तेमाल की गई टाटा सिएरा कार (यूपी32 एससी 9497) भी बरामद की है। एसपी ने बताया कि पिपरा में एयरटेल के जिस टॉवर से चोरी हुई, वह ग्रेड-2 श्रेणी का है। कंपनी के इस प्रकार के केवल 12 टॉवर बिहार और झारखंड में स्थित हैं।
टेलीकॉम कंपनियों में काम कर चुका है गिरोह का सरगना
एसपी के अनुसार, पूछताछ के दौरान ध्रुव द्विवेदी ने स्वीकार किया कि वह बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। ध्रुव पूर्व में एयरटेल और वोडाफोन जैसी टेलीकॉम कंपनियों में काम कर चुका है। उसके गिरोह के अन्य सदस्य भी टेलीकॉम सेक्टर के कामकाज में दक्ष हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह को पता था कि देश के किसी भी हिस्से में चोरी के उपकरण बेचने पर पकड़े जाने का खतरा रहेगा। इसलिए गिरोह चोरी किए गए उपकरणों को कूरियर के माध्यम से विदेश भेजता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका और चोरी गए उपकरणों की बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।
टेलीग्राम चैनल से जुड़ा था गिरोह, चीन भेजे जाते थे उपकरण
एसपी ने बताया कि गिरोह एक टेलीग्राम चैनल से जुड़ा हुआ था। चोरी किए गए मोबाइल टॉवर के उपकरण कूरियर के जरिए विदेश भेजे जाते थे। इनमें से अधिकांश उपकरण चीन भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने अपने अवैध कारोबार को छिपाने के लिए आयात-निर्यात से जुड़ी एक फर्म का पंजीकरण भी करा रखा था। दिल्ली में उसकी दुकान होने की जानकारी भी मिली है। आशंका है कि कूरियर के जरिए विदेश भेजे गए चोरी के सामान से प्राप्त अवैध रकम को वैध दिखाने के लिए इस फर्म का इस्तेमाल किया जाता था। फर्म के बैंक खाते से बड़े लेनदेन हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
इन 13 मामलों में भी वांछित है ध्रुव द्विवेदी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार ध्रुव द्विवेदी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज निम्नलिखित 13 मामलों की जानकारी मिली है:
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देवगांव, आजमगढ़ थाना कांड संख्या 446/24
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जीयनपुर, आजमगढ़ थाना कांड संख्या 579/24
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जरिया, हमीरपुर थाना कांड संख्या 195/23
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कोतवाली देहात, हरदोई कांड संख्या 12/25
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पाली, हरदोई थाना कांड संख्या 07/25
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एट, जालौन थाना कांड संख्या 173/23
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एट, जालौन थाना कांड संख्या 192/23
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मैगलगंज, खीरी थाना कांड संख्या 13/25
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रामचन्द्र मिशन, शाहजहांपुर थाना कांड संख्या 12/25
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रामचन्द्र मिशन, शाहजहांपुर थाना कांड संख्या 223/25
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थानागांव, सीतापुर थाना कांड संख्या 13/25
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पनवाड़ी, महोबा थाना कांड संख्या 115/23
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जलालपुर, अंबेडकर नगर थाना कांड संख्या 05/25
पुलिस चोरी किए गए फाइबर कार्ड की बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए आगे की जांच कर रही है।

