बिहार के विकास में जल, जंगल और जमीन का संतुलन जरूरी: पर्यावरणविद डॉ. जोशी
बिहार के विकास को लेकर पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग पर जोर दिया गया है। प्रसिद्ध पर्यावरणविद डॉ. जोशी ने राज्य में विकास की रूपरेखा को लेकर महत्वपूर्ण बात कही है।
पर्यावरणविद् डॉ. जोशी के अनुसार, बिहार में जल, जंगल और जमीन को आपस में जोड़कर और साथ लेकर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के समग्र और टिकाऊ विकास के लिए इन तीनों प्राकृतिक घटकों का संतुलित उपयोग ही भविष्य का सही रास्ता तय करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए बिना किसी भी दीर्घकालिक विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। डॉ. जोशी द्वारा बताए गए इस दृष्टिकोण से राज्य की विकास नीतियों को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

