बिहार, खबरों से आगे।

बिहार:वाहन जब्ती और नीलामी मामले में ईओयू की बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन मोटर वाहन निरीक्षक गिरफ्तार – Vehicle Seizure And Auction Scam In Gopalganj: Economic Offences Unit Tightens The Noose;


गोपालगंज में वाहन जब्ती, सत्यापन, मूल्यांकन और नीलामी से जुड़े मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने तत्कालीन एमवीआई सुनील कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। इससे पहले तीन अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई थी। एजेंसी डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

 

Vehicle seizure and auction scam in Gopalganj: Economic Offences Unit tightens the noose;

गिरफ्तार आरोपित
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के गोपालगंज जिले में वाहन जब्ती, सत्यापन, मूल्यांकन और नीलामी से जुड़े मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में तत्कालीन मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) सुनील कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज हो गई है।


इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। इससे पहले, सिधवलिया थाना कांड के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता और पुलिस अवर निरीक्षक राजेंद्र राम को आठ अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, 14 सितंबर को जिला परिवहन कार्यालय, गोपालगंज के तत्कालीन लिपिक अखिलेश लाल और डाटा एंट्री ऑपरेटर हैदर अली अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से संबंधित विभाग में हलचल तेज हो गई है।

पढे़ं: परिवार के सात बच्चे चले गए, अब क्या मांगें?: नाव हादसे में अपनों को खोने वाले पिता का छलका दर्द, बिलखते रहे

वाहन जब्ती से नीलामी तक की जांच


आर्थिक अपराध इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मामले की तह तक पहुंचने के लिए वाहन जब्ती से लेकर भौतिक सत्यापन, बाजार मूल्यांकन और नीलामी तक की पूरी प्रक्रिया की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस मामले में कुछ कर्मचारियों के अलावा अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। इसी आधार पर संदिग्धों की संलिप्तता और संभावित मिलीभगत की पड़ताल की जा रही है।

डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की पड़ताल


आर्थिक अपराध इकाई के सूत्रों के अनुसार, मामले में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और ठोस सबूतों के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *